नई शिक्षा नीति :- शिक्षक भर्ती में NTA स्कोर को भी शामिल किया जाएगा।

टीईटी, एडमिशन और फेलोशिप के लिए साल में दो बार काॅमन टेस्ट कराएगी एनटीए

किसी सब्जेक्ट में एनटीए का स्कोर शिक्षक भर्ती के लिए भी इस्तेमाल होगा

केंद्र सरकार द्वारा मंजूर की गई नई शिक्षा नीति में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को हर सब्जेक्ट के लिए एक काॅमन टेस्ट कराने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की जगह एनटीए स्कोर को ही शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी गई है।

  • सरकार के मुताबिक इस परीक्षा का मुख्य उद्देश्य कोचिंग लेने की आवश्यकता को समाप्त करना होगा।
  • परीक्षा के जरिए छात्रों की अवधारणात्मक समझ और ज्ञान को लागू करने की क्षमता की जांच की जाएगी।
  • इसकी मेरिट के आधार पर हर यूनिवर्सिटी छात्र के व्यक्तिगत पोर्टफोलियो को देखकर अपने प्रोग्राम में एडमिशन दे पाएगी।
  • विश्वविद्यालय और कॉलेजों के साथ-साथ पूरी शिक्षा व्यवस्था पर से अपनी-अपनी परीक्षा कराने का बोझ कम हो जाएगा।

टीचर एजूकेशन में एनटीए की जिम्मेदारी

प्री-सर्विस टीचर प्रिपरेशन प्रोग्राम के एडमिशन भी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के काॅमन एप्टीट्यूड टेस्ट के जरिए ही कराए जाएंगे। शिक्षक शिक्षा में भी एक समान मानक तय करने और लागू करने के लिए ये प्रावधान किया गया है। इसके लिए देश की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को ध्यान में रखते हुए मानक तय किए जाएंगे।

टीईटी की जगह लेगा एनटीए स्कोर

स्कूली शिक्षा में प्रणाली के बाद शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में भी बदलाव कर दिया जाएगा। शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के लिए भी उच्च स्तरीय पाठय सामग्री (Content) और शिक्षाशास्त्र (Pedagogy) तैयार की जाएगी। स्कूल शिक्षा के सभी स्तरों का विस्तार करते हुए शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में एनटीए स्कोर को भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।

नई शिक्षा नीति के बिंदु 5.4 में ये प्रावधान किया गया है। यानि संबंधित विषयों में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) भी काॅमन टेस्ट कराएगी जिसका स्कोर टीईटी की तरह ही विषय शिक्षकों के लिए होने वाली भर्ती प्रक्रियाओं की मेरिट में मान्य कर दिया गया है। स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए इंटरव्यू भी जरूरी कर दिए गए हैं।

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