परिषदीय विद्यालयों को मिलेगा प्रेरक स्कूल का दर्जा

परिषदीय विद्यालयों को प्रेरक स्कूल बनाए जाने के लिए सभी जिलों में 25 25 शिक्षकों का समूह बनाकर बीआरसी पर तीन मॉड्यूल आधारशीला, ध्यानाकर्षण और शिक्षण संग्रह पर ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जा रही है l

ऑनलाइन प्रशिक्षण के बाद इन शिक्षकों का भी टेस्ट होगा उसके बाद शिक्षकों ने जो प्रशिक्षण में सीखा है उसी तरह स्कूल में बच्चों को तैयार करना होगा l

आधारशिला मौजूद के अंतर्गत प्राइमरी स्तर पर कक्षा 1 से 5 तक बच्चों की बेसिक जानकारी मजबूत करना होगा l ध्यान आकर्षण मॉड्यूल के अंतर्गत कक्षा 6 से 8 तक बच्चों पर काम करना होगा l

यह वह बच्चे होंगे जो किसी वजह से पढ़ाई छोड़ चुके होंगे इन्हें दोबारा स्कूल आना होगा l तीसरे चरण में शिक्षण संग्रह के अंतर्गत शिक्षकों को पाठन की योजना, कलात्मकता और पढ़ाई के रोचक तरीकों से बच्चों को पढ़ाना होगा l इसके बाद शासन स्तर से एक टीम बनाई जाएगी जो बच्चों की शिक्षा का आकलन करेगी l खरा उतरने वाले बच्चों के स्कूल को ही प्रेरक स्कूल का दर्जा दिया जाएगा l

बच्चों के आकलन के लिए कक्षा 1 का बच्चा 5 शब्द व संख्या पहचान सके, कक्षा 2 का छात्र 20 शब्द प्रभाव से पढ़े और गणित में जोड़ घटाना 75 फ़ीसदी सही कर सके l कक्षा 3 का छात्र 30 शब्द प्रवाह से पढ़े और 75% भाग सही करें l

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