Environmental Studies Class 5 NCERT

Environment Studies Class 5 NCERT CTET AND UPTET Environmental Studies Class 5 NCERT

  • चीटियां चलते समय जमीन पर कुछ गंध छोड़ देती है जिससे कि पीछे आने वाली चीटियां सूंघ कर रास्ता पता लगा सके।
  • मच्छर इंसान की शरीर की गंध खासकर उसके पैरों के तलवों की गंध तथा हमारी शरीर की गर्मी से हमें ढूंढ लेते हैं।
  • रेशम का कीड़ा अपनी मादा की गंध को कई किलोमीटर दूर से ही पहचान लेता है।
  • ज्यादातर पक्षियों की आंखें उनके सिर के दोनों तरफ होती है जिसके कारण यह एक ही समय पर दो अलग-अलग वस्तुओं पर नजर डाल सकते हैं।
  • पक्षी अपनी गर्दन हमेशा भूल जाते हैं क्योंकि उनकी आंखों की पुतली घूम नहीं पाती।
  • पक्षी जब दोनों आंखें एक ही चीज पर केंद्रित करते हैं तो उन्हें चीज की दूरी का एहसास होता है तथा वे जब अलग-अलग वस्तु पर ध्यान किंतु करते हैं तब उनका देखने की सीमा बढ़ती है वह काफी दूर तक देख सकते हैं।
  • चील, बाज और गिद्ध हम से 4 गुना अधिक स्पष्ट देख सकते हैं जो वस्तु हम 2 मीटर की दूरी से देख सकते हैं वही चीज यह पक्षी 8 मीटर की दूरी से भी देख लेते हैं।
Environmental studies class 5
Environmental studies class 5
  • रात में जगने वाले जीव रात्रिचर कहलाते हैं तथा ये जीव सभी वस्तुओं को काला हुआ सफेद ही देख पाते हैं।
  • सांप के बाहरी कान नहीं होते यह आवाज़ को जमीन पर हुए कंपन की वजह से महसूस करता है।
  • लंगूर मुसीबत के समय विशेष प्रकार की आवाज निकालता है और अपने साथियों को संदेश देता है।
  • मछली खतरों की जानकारी बिजली तरंगों से देती है।
  • डॉल्फिन एक दूसरे से बातचीत करने के लिए अलग-अलग तरह की आवाज निकालती है।
  • बाघ का गुर्राना 3 किलोमीटर दूर तक सुना जा सकता है मौके के अनुसार बाघ अपनी आवाज बदलता है ।
  • बाघिन के बुलाने के लिए अलग आवाज और गुस्से में अलग आवाज निकालता ।
  • बाघ अंधेरे में हम से 6 गुना बेहतर देख सकता है ।
  • बाघ की मूंछ हवा में हुए कंपनी तथा शिकार की स्थिति का पता लगा लेते हैं जिससे अंधेरे में रास्ता ढूंढने में आसानी होती हैम
  • बाघ का इलाका इस के मूत्र से निर्धारित होता है यह इलाका कई किलोमीटर बड़ा हो सकता है ।
  • बाघ हवा से पत्ता हिलना तथा शिकार द्वारा पत्ते हिलने में अंतर भाग लेता है।
  • बाघ के दोनों कान बाहर की आवाज इकट्ठा करने के लिए अलग-अलग दिशाओं में घूम पाते हैं।
  • स्लॉथ (Sloth) यह देखने में भालू की तरह लगता है परन्तु भालू नही होता।
  • यह दिन में 17 घंटे पेड़ पर उल्टा लटक कर मस्ती से सोता है।
  • यह जिस पेड़ पर रहता है उसी की पत्तियां खाकर गुजारा करता है ।
  • जब एक पेड़ के सारे पत्ते खत्म हो जाते हैं तब यह दूसरे वृक्ष पर जाता है ।
  • इसका जीवनकाल 40 वर्ष का होता है
  • जिसमें यह 8 पेड़ों पर घूमता है
  • सप्ताह में एक बार शौच के लिए पेड़ से उतरता है।
  • छिपकली दिन में 8 घंटे सोती है ।
  • गाय दिन भर में 4 घंटा सोती है।
  • अजगर 18 घंटे सोता है।
  • जिराफ 2 घंटे सोता है।
  • बिल्ली 12 घंटे सोती है।
  • उत्तराखंड में जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क है।
  • राजस्थान भरतपुर जिले में घना पक्षी विहार है।
  • कालबेलिया सपेरा का समूह को कहते हैं ।
  • नाग गुफन यह डिजाइन रंगोली,कढ़ाई और दीवारों को सजाने में किया जाता है ।
  • सौराष्ट्र गुजरात दक्षिण भारत में नाग गुफन काफी प्रचलित है।
  • कालबेलिया समुदाय अपनी बेटी की शादी में सांप उपहार स्वरूप देते हैं।
  • सांप भी किसान के दोस्त होते हैं यह ना हो तो खेतों में फसलों को चूहा नुकसान पहुंचाएंगे।
  • हमारे देश में 4 प्रकार के सांप पाए जाते हैं।
  • नाग, डुबोइया, करैत और अफाई म
  • सांप काटते वक्त शरीर में अपने खोखले दांतो द्वारा जहर छोड़ देता है ।
  • सीरम सांप के जहर से बनाई जाती है ।जो कि सांप के जहर को खत्म करती है
  • कहानी खिचड़ी वाली पेट की राजेश उत्साही ने लिखीम
  • हमारे पेट के अंदर 30 डिग्री सेल्सियस तापमान होता है।
  • पेट का रस अम्लीय प्रवृत्ति का होता है।
  • डॉक्टर बोमोट ने मार्टिन नामक फौजी के पेट में झांका था
  • नेपेंथेस यह शिकारी पौधा है ।
  • भारत के मेघालय राज्य में पाया जाता है ।
  • यह आकार में घड़े की तरह होता है जिसके ऊपर पत्तियों का ढक्कन लगा होता है।
  • घड़े से विशेष खुशबू निकलती है जिससे कीड़े आकर्षित होते हैं और अंदर पहुंच जाते हैं।
  • यह पौधा अपने नाइट्रोजन की कमी को पूरा करता है शिकार के द्वारा।
  • जॉर्ज मास्ट्रल ने चिपकने वाले बीजों को देखकर वेल्क्रो का निर्माण किया था ।
  • वेल्क्रो का प्रयोग कपड़े जूते,कपड़े बेग में होता है।
  • सोयाबीन,मटर, भिंडी स्वयं फट कर अपने बीज बिखेर देते हैं।
  • मिर्च पुर्तगाल व्यापारी द्वारा दक्षिण अमेरिका से लाई गई थी।
  • भिंडी अफ्रीका से तथा सोयाबीन चीन से और चाय असम से उत्पन्न हुई।
  • अल बिरूनी उज्बेकिस्तान देश से आया था ।
  • बावड़ी को सीढ़ीदार कुआं भी कहते हैं।
  • उत्तराखंड में दुल्हन को शादी के बाद तालाब पर जा कर पूजा करने की प्रथा है ।
  • तरुण भारत संघ पानी की समस्या से संबंधित है ।
  • मृत सागर दुनिया का सबसे नमकीन सागर है ।
  • यहां पर 300 ग्राम प्रति लीटर नमक पाया जाता है।
  • 1930 में गांधी जी ने दांडी यात्रा द्वारा नमक बनाकर नमक कानून तोड़ा था।
  • मलेरिया मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से होता है।
  • मलेरिया होने पर बुखार के साथ कपकपी व ठंड लगती है।
  • मलेरिया की दवा सिनकोना वृक्ष की छाल से बनाई जाती है।
  • खून में आयरन की कमी से एनीमिया नामक रोग होता है ।
  • गुड़,आंवला और हरी पत्तेदार सब्जियां एनीमिया में खाने की सलाह दी जाती है
  • एनीमिया बच्चों में शारीरिक और दिमाग की तंदुरुस्ती पर असर डालती है।
  • बच्चों की ऊंचाई ठीक ढंग से नहीं बढ़ती मानसिक विकास पर झुक जाता है ।
  • एनीमिया से पीड़ित बच्चों को आयरन की गोली दी जाती है ।
  • शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा 12 से 16% होनी चाहिए।
  • मच्छर के अंडों से लारवा निकलते हैं यही मच्छर बनते हैं ।
  • रोनाल्डोस ने मलेरिया बीमारी मच्छरों के काटने से होती है यह पता लगाया
  • इसलिए इनको 1905 में नोबेल प्राइज दिया गया था
  • मिजोरम में मिज़ो भाषा बोली जाती है।
  • फिट ऑन, स्लिंग, रस्सी हुक पहाड़ों पर चढ़ने में उपयोगी चीजें हैं।
  • रेपलिंग का मतलब पहाड़ से उतरने को कहा जाता है।
  • बछेंद्री पाल 23 मार्च 1984 में माउंट एवरेस्ट पर चढ़ी थी ।
  • सागरमाथा नेपाल में माउंट एवरेस्ट को कहा जाता है।
  • 1518से लेकर 1687 तक कुतुब शाही राजाओं ने गोलकुंडा में राज किया था।
  • अर्जेंटीना भारत के सापेक्ष स्थिति में स्थित है।
  • ऊर्जा की अवधारणा समर में बालकों के लिए अमूर्त है। वह इसे ताकत शक्ति आदि कहकर सोचना शुरू करें।
  • मुंबई से दिल्ली का सफर 1400 किलोमीटर है
  • लद्दाख को ठंडा रेगिस्तान कहते हैंम
  • लद्दाख में घर पत्थर के बने होते हैं।
  • घर दो मंजिला होते हैं निचला जानवरों के लिए जबकि ऊपरी मंजिल मानव के रहने के लिए होती है ।
  • सर्दियों से जमीन परिवार भी निचली मंजिल में जानवरों के साथ रहना प्रारंभ करता है ।
  • निचली मंजिल में कोई खिड़की नहीं होती
  • छत बनाने हेतु मोटी लकड़ियों का इस्तेमाल किया जाता है।

चंगपा पशमीना भेड़ पालते हैं इन भेड़ों से पशमीना ऊन बनती है चांगपा के टेंट को रेबो कहते हैं।

लेखा, यहां भेड़ बकरियों को रखा जाता है।

पश्मीना शाल में अच्छे स्वेटर के बराबर गर्मी होती है ।

यह 5000 मीटर की ऊंचाई पर पाई जाने वाली खास किस्म की बकरियों से मिलता है।

पश्मीना शाल बनाने में 250 घंटे का समय लगता है ।

भुज का भूकंप 2001 में आया था ।

उसी से ठंडा उसी से गरम’ कहानी भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ जाकिर हुसैन ने लिखी है ।

कुडुक भाषा में तोरंग का अर्थ होता है जंगल।

जंगल अधिकार कानून 2007 यह कानून आदिवासियों को जंगल पर उनका हक दिलाता है।

25 वर्ष से जंगल में रह रहे व्यक्ति का जंगल में पैदा होने वाली वस्तुओं पर हक होगा ।

इन्हे जंगल से हटाया नहीं जाएगा।

झूम खेती मिजोरम में की जाती हैम

चढ़ाव नाच फसल कटने पर किया जाता है ।

मिजोरम में लगभग तीन चौथाई लोग जंगलों से जुड़े हैं 1822 में ग्रेगर जॉन मेंडल का जन्म ऑस्ट्रेलिया में होता है इन्होंने अनुवांशिकी का सिद्धांत दिया था. (Environmental Studies Class 5 NCERT)

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