69000 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों द्वारा राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के दफ्तर के सामने धरना प्रदर्शन

  • 69 का शिक्षक भर्ती का मामला
  • आज नई दिल्ली में प्रदर्शन करेंगे अभ्यर्थी
  • राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग दफ्तर के सामने करेंगे प्रदर्शन
  • ओबीसी एससी वर्ग के साथ में एनआरसी के नाम पर आरक्षण में खिलवाड़ का आरोप
  • भर्ती में आरक्षण के मानकों की अनदेखी का लगाया आरोप

उत्तर प्रदेश में 69000 शिक्षक भर्ती का मामला रोज नए विवादों में फंसते ही जा रहा है l हालांकि 24 जुलाई 2020 को माननीय सुप्रीम कोर्ट ने कटऑफ अंकों से संबंधित विवाद का आदेश सुरक्षित कर लिया है l

प्रदेश में 69 हजार शिक्षको की भर्ती की परीक्षा 6 जनवरी 2020 को आयोजित की गई थी l इस परीक्षा में लगभग 410000 अभ्यर्थी पंजीकृत हुए थे l इस परीक्षा के परिणाम में 146060 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया था तथा 69000 पदों के सापेक्ष लगभग 67867 अभ्यर्थियों को चयनित करते हुए उनको जिला आवंटन कर दिया गया था l

मामला यहीं से बिगड़ता गया आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि एमआरसी के नाम पर उनके साथ छलावा हुआ है l आरक्षित वर्ग के मेरिटोरियस कैंडिडेट का चयन अनारक्षित वर्ग में करने के बजाय आरक्षित वर्ग में कर दिया गया l जिसके कारण आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को काफी नुकसान हुआ है l आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों द्वारा यह आरोप लगाया कि सरकार द्वारा एमआरसी की आड़ में इसका सीधा लाभ अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को पहुंचाया गया है l

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के पास आरक्षण से संबंधित कुछ शिकायतें आने के पश्चात राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने सरकार के अधिकारीयों से कुछ जवाब के साथ उपस्थित होने को कहा था परंतु सरकार के अधिकारी उपस्थित नहीं हुए थे जिसके चलते राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने इस भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ने से रोक देता था स्थगन आदेश दे दिया l

सरकारी अधिकारियों द्वारा आयोग को इस भर्ती से संबंधित जवाब दाखिल किया गया परंतु आयोग सरकार के इस जवाब से असंतुष्ट है तथा भर्ती प्रक्रिया पर अभी भी रोक लगाए हुए हैं l

आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के दफ्तर के सामने 69 शिक्षक भर्ती हो कि अभ्यर्थियों द्वारा धरना शुरू किया जा रहा है उनका कहना है कि इस भर्ती में संवैधानिक आरक्षण नियमों का उल्लंघन किया गया तथा सरकार को पुणे आरक्षण के नियमों के अनुसार चयन सूची जारी की जानी चाहिए

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