प्रदेश के 117 संस्कृत विद्यालय में नहीं बचा एक भी शिक्षक

विडंबना

  • 58 संस्कृत विद्यालय शिक्षकों के अभाव में बंद हो चुके हैं l
  • तेरा सौ के करीब शिक्षकों की नियुक्ति का अधियाचन भेजा गया है l
  • पूरे प्रदेश में कक्षा 6 से लेकर 12 तक 958 संस्कृत विद्यालय हैं l
  • प्रयागराज में संस्कृत के ऐसे 18 स्कूल हैं जहां सभी शिक्षक सेवानिवृत्त हो चुके हैं l

संस्कृत विद्यालय मे शिक्षकों की कमी की जानकारी शासन को दी गई है जल्द ही इस समस्या का समाधान हो जाएगा l

डॉ वाचस्पति मिश्र अध्यक्ष उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान

प्रदेश में संस्कृत शिक्षा पर संकट गहराने लगा है l तकरीबन तीन दशक से नियुक्ति प्रक्रिया ठप हो जाने के कारण धीरे-धीरे स्कूलों पर ताले लगने शुरू हो गए हैं l

वर्तमान में पूरे प्रदेश में कक्षा 6 से 12 तक के 958 स्कूलों में से ऐसे 117 विद्यालय हैं, जहां एक भी संस्कृत का शिक्षक नहीं बचा है l इनमें से 58 सहायता प्राप्त संस्कृत माध्यमिक विद्यालय अध्यापकों के अभाव में बंद हो चुके हैं l

नई सरकार बनने के बाद संस्कृत विद्यालयों में नियुक्ति की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को दी गई है माध्यमिक शिक्षा विभाग ने 1282 शिक्षकों की नियुक्ति का अध्ययन भी साल भर पहले ही भेज दिया था लेकिन आज तक भर्ती शुरू नहीं हो सकी अकेले प्रयागराज जिले के 42 संस्कृत विद्यालय में से 14 ऐसे हैं जहां एक भी शिक्षक नहीं बचा 3 स्कूल चपरासी तो एक कलर के भरोसे खोले जा रहे हैं यानी कुल 18 विद्यालय शिक्षक विहीन है तकरीबन दर्जन भर विद्यालय ऐसे हैं जहां मात्र एक शिक्षक हैं

संस्कृत शिक्षा की स्थिति दयनीय होते देख उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान के अध्यक्ष डॉक्टर वाचस्पति मिश्र ने उपमुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा को 16 अगस्त को पत्र लिखकर नियमित नियुक्ति होने तक मानदेय या संविदा पर शिक्षकों की व्यवस्था करने का अनुरोध किया l प्रधानाध्यापक, अध्यापकों की संख्या न्यूनतम स्तर से भी कम हो चुकी है l फलस्वरूप संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है l

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