नई शिक्षा नीति : फिर अधर में लटका शिक्षा मित्रों का भविष्य

प्राथमिक स्कूलों में वर्षों से पढ़ा रहे शिक्षामित्र असमंजस में हैं l सरकार ने यदि कुछ रियायत नहीं की तो शिक्षामित्र 2022 में स्कूलों से हो जाएंगे बाहर l

उत्तर प्रदेश में चल रही 69000 शिक्षकों की भर्ती में मुख्य केंद्र पर शिक्षामित्र ही रहे हैं l शिक्षक भर्ती में शिक्षामित्रों को प्राथमिकता को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी कुछ नरम दिख रही है l उत्तर प्रदेश सरकार ने जब इन को पूरी तरह से भर्ती से बाहर करने का फैसला किया तो यह लोग न्यायालय चले गए l

पहले उच्च न्यायालय फिर उच्चतम न्यायालय शिक्षामित्रों को उम्मीद है कि उन्हें उच्चतम न्यायालय से न्याय जरूर मिलेगा l हालांकि केंद्र सरकार की तरफ से लगाई गई नई शिक्षा नीति में शिक्षामित्रों का पूरी तरह से अस्तित्व समाप्त कर दिया जाएगा l जिन्होंने स्कूलों में 15 वर्ष तक पढ़ाया अब उन्हें शिक्षा विभाग की तरफ से बाहर निकाल दिया जाएगा l सरकार के इस कदम की वजह से प्रदेश के लाखों शिक्षामित्र परेशान है आखिर अब उम्र के इस पड़ाव पर उनका क्या सहारा रहेगा l

उम्र के इस पड़ाव पर होने की वजह से वह बेहतर तरीके से पढ़ाई नहीं कर पाए और ना ही टीईटी की परीक्षा पास कर पाए और ना ही सुपर टेट की परीक्षा उत्तीर्ण कर पाए l ऐसे में अब उनकी नौकरी के कुछ वरशिप शेष बचे हैंl

ऐसे में इन्हें अब सरकार की तरफ से बाहर निकालने की पूरी तैयारी कर ली गई है l सरकार के इस निर्णय से अब प्रदेश के हजारों शिक्षामित्र परेशान है l बता दें पूर्व में रही सपा सरकार ने प्रदेश के करीब 137000 शिक्षामित्रों को नियमित करके उनकी मेहनत का अवार्ड दिया था l लेकिन अब उन्हें 2022 में बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा l

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